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अंग्रेज़ी के नए शब्द कैसे याद रखें (और भूलें नहीं)

अपडेट किया गया · 6 मिनट में पढ़ें

आप नए शब्द इसलिए भूल जाते हैं क्योंकि आप उनसे एक बार मिले और फिर कभी उन्हें याद से खुद निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ी। किसी शब्द को याद रखने के लिए उसे एक असली वाक्य में सीखें, उससे अपना खुद का उदाहरण लिखें, नोट्स दोबारा पढ़ने के बजाय खुद को परखें, और अगले कुछ हफ़्तों में कुछ बार उस पर लौटें, हर बार पहले से थोड़ा लंबा अंतराल छोड़कर।

इसके लिए किसी खास प्रतिभा की ज़रूरत नहीं है। ज़रूरत है एक छोटी-सी दिनचर्या की, जिसे आप हर दिन दोहरा सकें। नीचे दिया गया तरीका रोज़ लगभग पंद्रह मिनट लेता है।

नए शब्द क्यों गायब हो जाते हैं

कोई शब्द पढ़कर समझ लेना सीखने जैसा लगता है, लेकिन इससे ज़्यादातर पहचान (recognition) का अभ्यास होता है: शब्द सामने आए तो आप उसे पहचान लेते हैं। बोलने या लिखने में किसी शब्द का इस्तेमाल करने के लिए रिकॉल (recall) चाहिए: आपको वह शब्द खुद ढूंढना होता है, जबकि सामने कुछ भी नहीं होता। रिकॉल ज़्यादा मुश्किल है, और यह तभी मज़बूत होता है जब आप इसका अभ्यास करते हैं।

एक दूसरी समस्या भी है। कई सीखने वाले शब्दों को एक लंबी सूची की तरह इकट्ठा करते हैं: reluctant, एक अनुवाद, और बस। इस तरह रखे गए शब्द का किसी और चीज़ से कोई जुड़ाव नहीं होता, इसलिए आपकी याददाश्त में ऐसा कुछ नहीं होता जो आपको वापस उस तक ले जाए। जो शब्द आपको अच्छी तरह याद रहते हैं, वे कई चीज़ों से जुड़े होते हैं: कोई स्थिति, कोई आवाज़, कोई भावना, या दूसरे शब्द जो आमतौर पर उनके साथ आते हैं।

इसलिए इस तरीके के दो लक्ष्य हैं। हर शब्द को कई जुड़ाव दें, और उसे सिर्फ़ पहचानने का नहीं, याद करके निकालने का अभ्यास करें।

कदम 1: शब्द को अकेले नहीं, वाक्य में सीखें

जब आपको कोई नया शब्द मिले, तो वह वाक्य भी संभालकर रखें जिसमें वह मिला था। इन दो नोट्स की तुलना करें:

  • reluctant = कुछ करने का मन न होना
  • reluctant: "He was reluctant to lend me his car after the accident." (दुर्घटना के बाद वह मुझे अपनी कार उधार देने से हिचकिचा रहा था।)

दूसरा नोट आपको तीन ऐसी बातें दिखाता है जो पहला छिपा लेता है:

  • यह शब्द एक विशेषण (adjective) है जो किसी व्यक्ति के बारे में बताता है।
  • इसके बाद to + क्रिया आती है (reluctant to lend, reluctant to admit)।
  • इसके पीछे एक कारण जुड़ा है: कुछ हुआ था, इसलिए अब उसका मन नहीं है।

अपने नए शब्द के आसपास के छोटे शब्दों पर खास ध्यान दें। Depend के साथ on आता है, interested के साथ in, और आप decision को make करते हैं लेकिन homework को do। ये शब्द-जोड़ियाँ (collocations) अक्सर वही चीज़ होती हैं जो वाक्य को स्वाभाविक बनाती हैं, और इन्हें एक टुकड़े की तरह याद रखना आसान होता है: अकेला break नहीं, बल्कि take a break सीखें। give up और look after जैसे फ्रेज़ल वर्ब इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं: पूरे टुकड़े का अर्थ अलग-अलग शब्दों के अर्थ से बिल्कुल अलग होता है।

अगर शब्द कोई क्रिया है, तो उसके रूप पर भी ध्यान दें। She has lived here since 2019 में present perfect का इस्तेमाल हुआ है, और किसी नई क्रिया को पूरे काल के पैटर्न में देखने से बाद में उसे सही तरीके से दोबारा इस्तेमाल करना आसान हो जाता है।

कदम 2: अपनी ज़िंदगी के बारे में एक वाक्य लिखें

अब एक नया वाक्य लिखें जो आपके लिए सच हो:

  • "I'm always reluctant to speak English on the phone." (मैं फ़ोन पर अंग्रेज़ी बोलने से हमेशा हिचकिचाता हूँ।)
  • "My brother is reluctant to try new food." (मेरा भाई नया खाना चखने से कतराता है।)

अपना निजी वाक्य किताब के वाक्य से बेहतर काम करता है, क्योंकि वह शब्द को उस चीज़ से जोड़ता है जिसे आप पहले से अच्छी तरह जानते हैं: आपका काम, आपका परिवार, आपका शहर। इससे गलतियाँ भी जल्दी सामने आ जाती हैं। अगर आप "I'm reluctant for speaking" लिखेंगे, तो गलती अभी पकड़ में आ जाएगी, जब उसकी कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती, न कि किसी मीटिंग के बीच।

वाक्य छोटा रखें। तीन उलझे हुए वाक्यों से एक साफ़ वाक्य बेहतर है।

कदम 3: दोबारा पढ़ने के बजाय खुद को परखें

यही वह कदम है जिसे ज़्यादातर सीखने वाले छोड़ देते हैं, और यही सबसे ज़रूरी है। अपने नोट्स दोबारा पढ़ना काम का लगता है, लेकिन असल में आप बस वही शब्द पहचान रहे होते हैं जो आपके सामने हैं। इसके बजाय, जवाब छिपाएँ और उसे खुद निकालने की कोशिश करें:

  • अर्थ से शब्द तक। "not wanting to do something" देखें और अंग्रेज़ी शब्द बोलें।
  • शब्द से अर्थ तक। reluctant देखें और नोट्स देखे बिना अपने शब्दों में उसका अर्थ समझाएँ।
  • खाली जगह भरें। "He was ________ to lend me his car." यहाँ कौन-सा शब्द फ़िट होता है, और उसके बाद कौन-सा preposition आता है?

गलत जवाब देना समय की बर्बादी नहीं है। याद करने की जद्दोजहद, और उसके बाद सही जवाब जाँचना, ठीक यही चीज़ याद को मज़बूत बनाती है। अगर कोई शब्द हर बार आसान लगे, तो उसे कम बार परखें। अगर वह बार-बार फिसल जाए, तो ज़्यादा बार परखें।

कदम 4: दोहराव में अंतराल रखें

किसी शब्द को एक ही शाम में दस बार दोहराना उतना फ़ायदेमंद नहीं, जितना उसे कई हफ़्तों में कुछ बार दोहराना। हर बार जब आप ठीक उस समय लौटते हैं जब शब्द धुंधला होने लगा हो, तो उसे याद करने में थोड़ी मेहनत लगती है, और याद पहले से ज़्यादा समय तक टिकती है।

आपको किसी सटीक फ़ॉर्मूले की ज़रूरत नहीं है। एक आसान समय-सारणी अच्छा काम करती है:

  1. पहला दिन: शब्द सीखें और अपना वाक्य लिखें।
  2. दूसरा दिन: एक बार खुद को परखें।
  3. लगभग एक हफ़्ते बाद: फिर से परखें।
  4. लगभग एक महीने बाद: फिर से परखें।

अगर किसी शब्द का जवाब गलत हो जाए, तो उसे फिर से शुरुआत में रख दें। अगर एक महीने वाले दोहराव में वह आसानी से सही निकले, तो शायद अब आप उसे जान चुके हैं। उसे अपनी बोलचाल और लेखन में इस्तेमाल करते रहें।

कदम 5: शब्द को किसी असली जगह इस्तेमाल करें

कोई शब्द तब आपका बनता है जब आप उसे किसी असली मकसद से इस्तेमाल करते हैं। सीखने के कुछ ही दिनों के भीतर कोशिश करें कि:

  • उसे किसी मैसेज या ईमेल में इस्तेमाल करें: "I was a bit reluctant to ask, but…" (पूछने में थोड़ी हिचक हो रही थी, लेकिन…)
  • अपने दिन के बारे में बताते समय उसे ज़ोर से बोलें, चाहे आप खुद से ही बात क्यों न कर रहे हों।
  • पढ़ते या सुनते समय उस पर ध्यान दें। एक बार कोई शब्द आपके नोट्स में आ गया, तो वह आपको हर जगह दिखने लगेगा, और हर बार दिखना एक मुफ़्त दोहराव है।

रोज़ की 15 मिनट की दिनचर्या

इन कदमों को साथ जोड़ें, तो रोज़ का एक सत्र कुछ ऐसा दिखता है:

  • 5 मिनट, नए शब्द। तीन से पाँच नए शब्द जोड़ें, हर एक के साथ उसका मूल वाक्य और अपना एक वाक्य। अच्छी तरह सीखे गए कम शब्द, भूल जाने वाली लंबी सूची से बेहतर हैं।
  • 8 मिनट, दोहराव। आज जिन शब्दों की बारी है, उन पर खुद को परखें। पहले जवाब दें, फिर जाँचें।
  • 2 मिनट, इस्तेमाल। आज का कोई एक शब्द चुनें और उसे किसी मैसेज, नोट में या ज़ोर से बोलकर इस्तेमाल करें।

रोज़ पाँच नए शब्द, जो याद रहें, साल भर में हज़ार से कहीं ज़्यादा हो जाते हैं। यह दिनचर्या तभी काम करती है जब आप इसे जारी रखें, इसलिए इसे इतना छोटा रखें कि इसे छोड़ने का कोई बहाना ही न मिले।

सारांश

  • जिन शब्दों को आपने सिर्फ़ पहचाना है, वे भूल जाते हैं। उन्हें याद करके निकालने का अभ्यास करें।
  • हर शब्द को वाक्य में सीखें, और उसके आसपास के छोटे शब्दों पर ध्यान दें।
  • उस शब्द से अपनी ज़िंदगी के बारे में एक सच्चा वाक्य लिखें।
  • दोबारा पढ़ने के बजाय खुद को परखें, और दोहराव को घंटों में नहीं, हफ़्तों में फैलाएँ।
  • कुछ ही दिनों के भीतर शब्द को किसी असली काम में इस्तेमाल करें।